धनगढी । थारु समुदायमे वंशानुगत रुपमे डेखा परल सिकलसेल रोगबारे बुझाई लक्षण, निदान ओ उपचारबारे धनगढीमे प्यानलगत छलफल कैगिल बा ।
थारु नागरिक समाज कैलाली, थारु कल्याणकारिणी सभा कैलाली, नेपाल रानाथारु समाज कैलाली, धनगढी नगर भल्मन्सा समिति ओ थरुहट÷थारुवान राष्ट्रिय मोर्चा कैलालीके आयोजनामे प्यानलगत छलफल कैगिलक हो ।
प्यानलगत छलफलमे भारतसे डिपार्टमेन्ट अफ हेमाटो अनक्लोजी एण्ड बोन म्यारो ट्रान्सप्लान्ट जयडी अस्पताल नोयदा इण्डियाके निर्देशक डा. सत्यराजन दास, कैलालीसे संजिवनी अस्पताल धनगढीके कन्सल्टेन्ट फिजिसियन डा. सुमन चौधरी ओ नेपाल सरकारके पर्यटन तथा नागरिक उडड्यन राज्यमन्त्री अरुण चौधरी भाग लेहल रहिट ।
छलफल कार्यक्रममे डा. सत्यराजन दास थारु समुदायसे भोजबिहा कैनासे आघे अनिवार्य सिकलसेलके जाँच करैना आग्रह करल रहिट । उहाँ इ रोगसे भावी पुस्ताहे बचाइक लाग सिकलसेल पोजेटिभ रहल व्यक्ति बिच भोजबिहा नैकरैना सल्ला डेहल रहितट ।
उहाँ सिकलसेल रोग विदेशके अफ्रिकन कन्ट्री, भारतके मध्य प्रदेशके उत्तराखण्ड अन्र्तगत झारखण्ड, विहार, छतिसगढ ओ नेपालके थारु समुदायमे डेखा परल बटैलै ।
‘सिकलसेलबारे सचेतना जरुरी बा,’ डा. दास कहलै, ‘सिकलसेल रोगके विमारी डुई मेरिक रहठ् । सिकलसेल ट्रेड हुइल व्यक्तिसेफे सिकलसेल डिजिज रहल व्यक्तिहे समस्या हुइना करठ ।’
ओस्टेक उहाँ सिकलसेल रोग लागल विमारीहे पूर्णरुपसे ठिक बनाइक लाग १५ लाखसे २० लाख रुप्या खर्च लग्न बटैलै ।
छलफलमे डा. सुमन चौधरी सिकलसेल रोग थारु समुदायमे केल्ह डेखा परल ओरसे डाईबाबकमे सिकलसेल रोग पोजेटिभ रहलेसे बच्चानमे फेन इ रोग सर्ना सत प्रतिशत सम्भावना रहल बटैलै ।
नेपाल सरकारके पर्यटन तथा नागरिक उडड्यन राज्यमन्त्री माननीय अरुण चौधरी सिकलसेल रोग उपचारके लाग ढेर खर्च हुइना ओरसे एक लाख रुप्यासे नैपुग्न कहटी ओकर लाग थारु समुदायके अगुवा ओ अभियन्ताहुकनहे छलफल करके सुझाव लेना ओ उहीहे सदनमे रख्ना बटैलै ।
छलफल कार्यक्रममे थारु नागरिक समाज कैलालीके जिल्ला संयोजक दिलबहादुर चौधरी कैलालीमे सिकलसेल रोगबारे चलागिलक अभियानबारे जानकारी डेहल रहिट । उहाँ कहलै, ‘२०७० ओर इ रोगबारे पहिल बार हिमाल खबर पत्रिकामे समाचार आइबेर थारु अगुवा विच टमान फेरा छलफल, उच्चस्तरके राजनितिक दलके नेताहुकनहे भेटघाट ओ ज्ञापनपत्र बुझाके सरकारसे उपचारके लाग एक लाख रुप्या डेना निर्णय करल रहे ।’
प्यानलगत छलफल प्यानालिस्टहुकनहे कैलारी गाउँपालिकाके स्वास्थ्य शाखा प्रमुख नरेशकुमार चौधरी गैल बरस सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार कैलाली कञ्चनपुरमे बजेट विनियोजन करल मने इ बरस कैलालीके कौनो स्थानीय तहमे बजेट विनियोजन नैकरल कहटी बजेटमे संशोधन करके कैलालीहेफे डेहे पर्ना बटैलै ।
उहाँ कहलै, ‘कैलाली जिल्लामे सबसे ढेर थारु समुदाय रहल बटै । अभिनसम १३ स्थानीय तह मन्से टमान स्थानीय तहमे सिकलसेल रोग जाँचके स्क्रिनिङ बाँकी रहल बा । मने प्रदेश सरकारसे सेती प्रादेशिक अस्पताल बाहेक और स्थानीय तहमे कुछ बजेट विनियोजन नैकरले हो ।’
कैलालीके गोदावरी नगरपालिका वडा नम्बर ८ के राधा चौधरी अपने ८÷९ बरससे सिकलसेल रोगसे पीडित रहल कहटी सरकारके डेहल रुप्यासे ढेर खर्च हुसेकल बटैली । उहाँ कहली,‘सरकारसे एक लाख रुप्या केल डेहल हो । उ रुप्या टे मोर तीन÷चार बरसमे ओरागिल बा । यकर उपचार धनगढीमे सम्भव नैहो बारबार काठमाण्डौ जाई परठ । सिकलसेल विमारीके निशुल्क उपचार कैना जिम्मा सरकारसे लेहे परल ।’
प्यानलगत छलफल प्यानालिस्टहुकनहे थारु कल्याणकारिणी सभा कैलालीके निवर्तमान कार्यवाहक सभापति माधव चौधरी, थारु समुदायकके अभियन्ता ठाकु्र प्रसाद करियाप्रधान, प्रेमा चौधरी, आशिष चौधरी, भीमबहादुर चौधरी लगागत जिज्ञाशा राखल रहिट । छलफल कार्यक्रमके सहजीकरण इन्दु चौधरी करल रही ।