५ बैशाख २०८३, शनिबार April 18, 2026

“थारु भाषा, संस्कृति बचैना पहुराके महत्वपूर्ण योगदान”

१ श्रावण २०८२, बिहीबार
“थारु भाषा, संस्कृति बचैना पहुराके महत्वपूर्ण योगदान”

धनगढी, १ सावन । थारु भाषा, संस्कृति बचाइक लाग पहुरा थारु दैनिकके महत्वपूर्ण योगदान रहल बटाइल बावै ।
बुधके रोज पहुरा थारु दैनिकके २३औं वार्षिकोत्सवके अवसरमे आयोजित शुभकामना आदानप्रदान कार्यक्रमके सहभागिहुक्रे ओइसीन बटाइल हुइट । पहुरा थारु दैनिकके प्रकाशक/सम्पादक स्माइल चौधरी थारु भाषा, संस्कृति बचाइक लाग पहुरा थारु दैनिकके महत्वपूर्ण योगदान रहल बटैलै । साथे उहाँ पहुराहे बचाइक लाग सरोकारवालहुकनहे आग्रह करल रहिट ।
उहाँ कहलै, “यी थारु समुदायके इतिहास हो । यकर संरक्षण करना हमार सबके सहयोगके जरुरट बा ।” उहाँ यी दैनिकमे नाफा किल नैहेरके बचाइक परल कहिके लगानी करेपरना बटले रहिट ।
“पहुरा थारु दैनिक पत्रकारिता किल नैहोके थारु भाषा ओ संस्कृतिके विकासके लाग हो,” उहाँ कहलै, “यिहिनहे बचाइक लाग अन्य स्तरमेसे फेन सहयोगके अपेक्षा करले बटि ।”
थारु कल्याणकारिणी सभाके केन्द्रीय उपाध्यक्ष प्रभावकुमार चौधरी पहुरा थारु दैनिक थारु समुदायके गौरव रहल बटैले रहिट । उहाँ यी दैनिक टमान समयमे उटारचढावमे रलेसे फेन अभिनसम निरन्तरता रहलमे गर्वके बात रहल बटाइल रहिट ।
उहाँ टमान निकायसे समन्वय ओ सहकार्य कैके पहुराके सञ्चालनमे सहयोग पुग्ना बटैलैं । यकरसँगे उहाँ पहुराके लेखन प्रक्रिया उत्कृष्ट बनैना सुझाव फेन डेहल रहिट ।
थारु कल्याणकारिणी सभाके केन्द्रीय सदस्य पुरन चौधरी पहुरा थारु दैनिक पत्रकारिता क्षेत्रमे किल नैहोके थारु भाषा, साहित्य, संस्कार, संस्कृति संरक्षणके लाग बरवार योगदान करल बटैलै ।

उहाँ पहुराहे जीवन्त बनाइक लाग यम्ने विज्ञापनमे प्राथमिकता डेहे परना बटैलैं । उहाँ कहलैं, “पहुरा थारु दैनिक राज्यके परिवर्तन, व्यवस्था परिवर्तन तथा थारु अधिकारके सुरक्षामे महत्वपूर्ण योगदान रहल बा ।”
थारु कल्याणकारिणी सभाके जिल्ला अध्यक्ष वीरबहादुर चौधरी भाषा, संस्कृति ओ पहिचानके लाग पहुरा थारु दैनिकके महत्वपूर्ण योगदान रहल बटैलैं । उहाँ पहुराहे आर्थिक रुपमे परिपक्व हुइक लाग प्रत्येक स्थानीय तहसे सहयोग लेहे परना बटैलै । उहाँ यम्ने हम्रे फेन अपनओरसे सहयोग करना तत्पर रहल बटैलै ।
कार्यक्रममे पहुरा थारु दैनिकके कानूनी सल्लाहकार जोहारीलाल चौधरी दैनिकके टमान उटारचढाव अइलेसे फेन आघे बह्रल बटाइल रहिट । यकरसँगे समयसापेक्ष बनैना आवश्यक रहल बटैले रहिट । उहाँ कहलै, “डिजिटलके जवानामे पत्रिकाहे कम हेरलेसे फेन प्रिन्ट मिडियाके महत्व फरक रहल बा । टबेमारे यकर संरक्षण करना आवश्यक रहल बा ।” उहाँ पत्रिका चलाइक लाग विज्ञापन उठाइ फेन सेके परना बटैलैं ।
कार्यक्रममे थारु टेलिभिजनके कार्यकारी निर्देशक कुन्नुनारायण चौधरी प्रतिस्पर्धाके जवानामे पहुरा थारु दैनिकके सिको करटि थारु टेलिभिज चलाइल बटैलैं ।
नमस्ते बचन तथा ऋण सहकारी संस्थाके अध्यक्ष जगतराम चौधरी पत्रिका चलाइक लाग विज्ञापन उठाइक लाग जोड डेहे परना बटैले रहिट ।
कार्यक्रममे नेपाल पत्रकार महासंघ सुदूरपश्चिम प्रदेश अध्यक्ष भरत शाह कोरोना कहरपाछे सञ्चार माध्यमके अवस्था कमजोर रलेसे फेन अब्बे सुधार हुइटि रहल बटैलैं । प्रेस काउन्सीलके क वर्गमे परल पहुरा थारु दैनिक थारु भाषा संरक्षणके लाग फेन योगदान करल उहाँ बटैलै ।
अस्टेक, नेपाल पत्रकार महासंघके जिल्ला अध्यक्ष श्रवण देउवा पहुरा थारु दैनिक समाजके सम्पती रहल ओरसे यकर संरक्षण सबके कर्तव्य रहल बटाइल रहिट । उहाँ यकर संरक्षणके लाग सक्कु उद्यमी, व्यवसायी, कर्मचारी, संघसंस्थाहे आग्रह करल रहिट ।
अधिवक्ता नाथुराम चौधरी पहुरा थारु दैनिक टमान जहनहे थारु भाषा बोले सिखाइल ओरसे यकर सम्मान करे परना बटैले रहिट ।
थारु बुद्धिजीवी चन्द्रसिंह चौधरी पहुरा थारु दैनिकके अवस्थाके बारेमे फेन जानकारी करैलेसे मजा हुइना सुझाव डेले रहिट ।
थारु महिला सभाके अध्यक्ष दुर्गा कुश्मी पहुरा थारु दैनिक थारु समुदायके जगके रुपमे रहल बटैले रहिट । उहाँ कहली, “पहुरा थारु दैनिक थारु समुदायके लर्कनहे थारु भाषा बोले सिखैनामे सहयोग करटि आइल बा ।” उहाँ कम रलेसे फेन पहुराहे सबजे सहयोग करे परना बटैले रही ।
ओस्टके, युनिक नेपाल लघुवित्त संस्थाके क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख सन्तकुमार चौधरी अपन संस्थासे सहयोग करल ओर पहुरा फेनओरसे फेन सहयोग करटि रहल ओरसे यी सहयोग निरन्तर चले कना अपेक्षा करल रहिट ।
थाकसके पूर्व जिल्ला सभापति माधव थारु पहुरा दैनिकहे आघे बह्राइक लाग योजना बनाके आघे जाइ कपरना सुझाव डेले रहिट । ओस्टके कार्यक्रममे बातचित घरके घरगोसिया ठाकुरप्रसाद करियाप्रधान पहुरा थारु दैनिक थारु समुदायके भाषा जोरना माध्यमके साथे थारु समुदायके मुखपत्रके रुपमे रहल बटाइल रहिट ।
कार्यक्रममे थारु टेलिभिजनके संचालक मनमती बखरिया पहुरा कलेक थारुनके किल नैहोके समग्र देशके इतिहास रहल ओरसे यकर तीब्र गतिमे आघे बह्राइ परना बटैले रही ।
रानाथारु डटकमके नन्दलाल राना थारु भाषा शुद्धताके लाग फेन पहुरा थारु दैनिक सहयोग करल बटाइल रहिट ।
फोनिज सुदूरपश्चिम इन्चार्ज लखन चौधरी थारु पत्रकार जन्माइक लाग पहुरा थारु दैनिकके योगदान रहल बटैलैं । उहाँ भाषिक तथा राजनीतिक आन्दोलनमे फेन पहुरा दैनिक महत्वपूर्ण योगदान रहल बटैले रहिट ।
कार्यक्रममे दैनिकके सम्पादक प्रेम चौधरी पहुरा थारु दैनिक कुछ समय पहिले तीन हजार प्रतिसम छप्न करल जानकारी कराइल रहिट । उहाँ कहलै, “पहिले तीन हजारसम छप्न पत्रिका आजकल कुछकम हुइल बा । मने, पहुरा डटकमके अनलाइनमे बिहन्ने पीडीएफ फाइल डारल ओरसे विश्वभर हेर मिल्ना हुइल बा ।” उहाँ पहुरा थारु दैनिकके इतिहासके बारेमे फेन जानकारी कराइल रहिट ।
कार्यक्रमके संचालन पहुरा थारु दैनिकके कार्यकारी सम्पादक राम दहित करल रहिट । विक्रम सम्वत २०६० सालसे पहुरा थारु साप्ताहिकके रुपमे प्रकाशित हुइटी २०६६ चैत ३१ गतेसे दैनिक प्रकाशन हुइटी आइल हो ।
प्रेस काउन्सिल नेपाल यि दैनिकहे थारु भाषा ओ पत्रकारितामे विशेष योगदान करल बाफत २०६७ सालमे ‘भाषागत पत्रकारिता पुरस्कार’से सम्मानित करल रहे । प्रेस काउन्सिल नेपालके वर्गीकरण नतिजा अनुसार २०६८ से नियमित ‘क’ वर्गमे परटी आइल बा ।