धनगढी, १७ जेठ । लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे सरकारके हरेक निकायमे अर्थपूर्ण सहभागितामे जोड डेहल बा ।
यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यकहरुको महासंघ नेपालके आयोजनामे प्राइड परियोजना अन्र्तगत अँटवारके रोज धनगढीमे हुइल लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायमे मुद्दामे संचारकर्मीनके भूमिका विषयक अन्तरक्रिया कार्यक्रममे ओइसीन जोड डेहल हो ।
डिसिएके मनिला न्यौपाने प्राइड परियोजनाके बारेमे जानकारी डेटी लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायहे हरेक निकायमे सहभागिता नैरहल बटैटी अर्थपूर्ण सहभागिता हुइ पर्ना जोड डेहल रही । उहाँ कहली, ‘यी समुदायके अर्थपूर्ण सहभागी हुई पर्ना हो, मने राजनीतिक संरचनाके बनावट ओ परम्परागत सोचके कारण विभेद कायमे रहल बा । राजनितिक चेतनाके रुपमे अभिनफे पाछे पारल बा ।’
यूरोपियन यूनियनके शिव भण्डारीफे अब्बेसम संघीय सांसदमे सुनिल बाबु श्रेष्ठके प्रतिनिधित्व डेखलमे यी बरस भुमिका श्रेष्ठके उपस्थिति हुइलेसे प्रदेश ओ स्थानीय तहमे प्रतिनिधित्व नैहुइल बटैलै । लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय मतदाताके रुपमे पाछे परल बटैलै ।
व्लु डायमण्ड सोसाइटीके मनिषा ढकाल लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके प्रकार ओ ओइनसे भोग परल समस्याबारे जानकारी डेहल रहिट । लैङिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक समुदाय भिटर जैविक लिङ, अन्तरलिङगी, लैङिक पहिचान ओ लैङिक प्रस्तुती, सामाजिक लिङ, पारलैङिक, तेस्रोलिङगी, यौन अभिमुखीकरण, द्वाय लिङगी, गैर द्वाय सांख्यिक लैङिक, क्वाइरके बारेमे जानकारी डेहल रहिट ।
उहाँ आपन कथा सुनैटी पहिले लउण्डाके रुपमे जलम लेहल मने स्वभाव लउण्डी रहल अब्बे आके लउण्डीके रुपमे रहल बटैली । कार्यक्रममे सिमरन शेरचन मिडिया ओ लैङिक यौनिक अल्पसंख्यक समुदायके अधिकार ओ आन्दोलनबारे प्रस्तुत करल रहिट । कार्यक्रमके संचालन तथा सहजीकरण यौनिक तथा लैङिक अल्पसंख्यकहरुको महासंघ नेपालके फेकल पर्सन धनबहादुर चौधरी करल रहिट ।