धनगढी, २ जेठ । नेपाल खानेपानी संस्थानसे वितरण कैना पानीमे कोलिफम अर्थात् दिशाजन्य जीवाणु फेला परल बावै ।
धनगढी उपमहानगरपालिकाके स्वास्थ्य शाखासे नगरके टमान वडासे संकलन करल ४५ पानीके नमुनाके परीक्षण करेबर जुगेडास्थित खानेपानी संस्थानके मुल टंकीके पानीमे कोलिफम फेला परल हो ।
स्वास्थ्य शाखा प्रमुख योगेश अवस्थीके अनुसार जुगेडाके टंकीके नमुनामे पहिलचो प्रति १०० मिलिलिटर पानीमे ४ सिएफयू ओ डोसरचो २ सिएफयू कोलिफम भेटल हो । ओस्टके अधिकांश सार्वजनिक नल, डिप बोरिङ ओ घरायसी धारामे समेत कोलिफम रहल पुष्टि हुइल बावै ।

वडा नं. १७ के आधारभूत स्वास्थ्य केन्द्रके आर्टिजन ओ वडा नं. १८ के वडा कार्यालयके हातेपम्पके पानीमे प्रति १०० मिलिलिटरमे १०० सिएफयू कोलिफम भेटल बावै । अन्य वडामे फेन स्थिति गम्भीर रहल बा । वडा नम्बर १६ के विद्यालयके डिप बोरिङमे १० सिएफयू, वडा १४ के स्वास्थ्य केन्द्रके फिल्टर पानीमे ४० सिएफयू ओ वडा १९ के स्वास्थ्य चौकीके हातेपम्पमे २० सिएफयू कोलिफम पाइल हो ।
खानेपानी संस्थानसे वितरण कैटी आइल पानी पाइपलाइन फुटल, टुटी फोहोर रहल ओ भाडा सफा नैकरल कारण दूषित हुइना करल पाइल बा । क्लोरिनेसन कैना सम्बन्धी तालिम प्राप्त जनशक्ति संस्थानसँग नैरहल फेन खुलल् बावै । यद्यपि संस्थान प्रमुख शैलेन्द्रकुमार साह क्लोरिन प्रयोग हुइटी रहल दाबी करले बटै ।
स्वास्थ्य शाखाके अनुसार नल ओ सेफ्टी टंकीबीचके न्यूनतम ५० फिट दूरी नैहुइना फेन पानी दूषित हुइनाके एक मुख्य कारण हो । स्वास्थ्य विशेषज्ञहुक्रे पानी भण्डारण कैना भाडा ओ फिल्टर नियमित सफा नैकरलमे कोलिफम बह्रे सेक्ना चेतावनी डेले बटै ।
सार्वजनिक ओ निजी पानीके स्रोतमे नियमित क्लोरिनेसन, फुल पाइपके मर्मत, ओ सरसफाइमे ध्यान डेना आवश्यक बावै । खानेपानीसँग सम्बन्धित कर्मचारीहे तालिम डेना ओ मापदण्ड अनुसार सेफ्टी टंकी तथा धाराबीचके दूरी कायम कैना उपमहानगर आग्रह करले बावै ।