५ बैशाख २०८३, शनिबार April 18, 2026

‘थारु भाषा कला संस्कृति बचैना थारु समुदायके जिम्मेवारी हो’

२४ चैत्र २०८०, शनिबार
‘थारु भाषा कला संस्कृति बचैना थारु समुदायके जिम्मेवारी हो’

धनगढी, २४ चैत । कैलालीके धनगढीमे एक बरस आघे सुरु हुइल बातचित घरमे शनिच्चरके रोज संविधानसभा सदस्य तथा पूर्व मन्त्री डा. गोपाल दहित ओ थारु आयोगके सदस्य शान्ती मोदीसे थारु भाषा संस्कृतिके प्रगती प्रयास ओ चुनौती विषयमे प्यानल बातचित हुइल बा ।
बातचित घरके एक बरस पुगलक उत्सवमे उहाँ दुनु जनहनसे इन्दु चौधरी ‘थारु भाषा संस्कृतिक प्रगती प्रयास ओ चुनौतीमे प्यानल बातचित’ करल रही । डा. गोपाल दहित थारु समुदायके भाषा कला संस्कृति लोप हुइटी गैलक बटैलै । उहाँ कहलै, ‘भाषा कला संस्कृति थारु समुदायके पहिचान हो । तर यी अब्बे लोप हुइटी बा यिहीहे बचैना थारु समुदायके जिम्मेवारी हो ।’ ग्रामीण गाउँ ठाउँमे बैठना विपन्न गरिब परिवार थारु भाषा कला, संस्कृति संरक्षण करल मने शहर बजारमे बैठना शिक्षित ओ सम्पन्न थारु परिवार अपन भाषासे ढेर गैरथारु भाषा प्रयोग कैना, अपन लर्कनसे नेपालीमे बोल्न करल डा. दहित बटैलै ।
थारु समुदायके माघ अब्बे राष्ट्रिय अन्तर्राष्ट्रियकरण हुसेकल कहटी उहीसे कला, संस्कृति, थारु पहिरन ओ खानाके प्रवद्र्धनमे टेवा पुग्लक उहाँ बटैलै ।


थारु समुदायमे लउण्डाके तुल्नामे लउण्डीनके पह्राई ओ लोकसेवामे प्रवेश करल, बालविवाह बह्रल, राजनितिक चेतना बह्रल बाट बटाइल रहिट । समु्दायमे छोटिमसे लिभिङ टुगेदरमे बैठना गलत प्रवृतिके विकास हुइल फेन बटाइल रहिट ।
कार्यक्रममे थारु आयोगके सदस्य मोदी आयोगसे भाषा कला, संस्कृतिक दस्तावेजीकरण कैना प्रयास कैटी रहल बटैली । पुर्वैया थारु समुदायक तुल्ना पश्चिम थारुहुँक्रे भाषा कला, संस्कृति संरक्षणमे आघे रहल उहाँ बटाइल रही । नेपालमे धर्म निरपेक्ष हुइलपाछे थारु समुदाय आपन संस्कृतिहे बिस्राके धर्म परिवर्तन करलपाछे संस्कृति लोप हुई लागल सदस्य मोदी बटाइल रही ।


बातचित घरक एक बरस पुगलक उत्सव कार्यक्रमके उद्घाटन आठ मन्दरीयनसे थारु समुदामे बजाजैन टमान नाँचके मन्द्रक खोट बजाके उद्घाटन करल रहिट । उद्घाटनके सुरुमे ट्रासनके खोट, सखियक पैयाक पाँच खोट, झुम्रा, हुरडुङवा, मघौटा, कठघोरी नाँच, विरहग्या÷विरहन, माँगर, धमारक मन्द्रक खोट बजाके उद्घाटन हुइल रहे । ओस्टके भाषा कला, संस्कृति लगायत टमान क्षेत्रम योगदान करुइयाहुकन सम्मान कार्यक्रम, टमान थारु संस्कृतिक, ओ थारु साहित्य बाचन कैगिल रहे ।
कार्यक्रम बातचित घरके बरघर ठाकुर प्रसाद करिया प्रधानके घर गोस्याइमे हुइल रहे । उहे कार्यक्रममे बातचित घरसे प्रकाशित कैसिगल थारु भाषक भितापात्रोफे बिमोचनफे कैगिल बा ।