७ फाल्गुन २०८२, बिहीबार February 19, 2026

७ बुँदे घोसनापत्र जारी कैटि निम्जल १०वा थारु साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन

१९ माघ २०८२, सोमबार
७ बुँदे घोसनापत्र जारी कैटि निम्जल १०वा थारु साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन

धनगढी, १९ माघ । इहे माघ १५ गतेसे् १७ गतेसम आयोजित १०वा थारु साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन ७ बुँदे घोसनापत्र जारी कैटी निम्जल बा ।
मधेस प्रदेशके सुगौली गाउँपलिका–२, बेलवा पर्सामे हुइल सम्मेलनसे ७ बुँदे घोसनापत्र जारी कैटी निम्जल थारु लेखक संघ नेपाकके अध्यक्ष डा. कृष्णराज सर्वहारी जानकारी डेलै । घोसनापत्रके बुँदामे थारू भाषा, साहित्य, संस्कृति, उनन्नयनके लाग थारु साहित्यिक संघ संस्था, भाषाप्रेमी, लेखक, प्रकाशक, सम्पादक एकजुट होके सहकार्य कैना, थारु लोक साहित्यके जानकार पुर्खाहे सम्मान कैनाके साथे थारु साहित्यके टमान विधामध्ये कौनो एक विधामे प्रतिस्पर्धा कराके पुरष्कृत कैना रहल अध्यक्ष डा. सर्वहारी बटैलै ।


ओस्टके उहाँ थारू लेखक संघ नेपालसे स्थापित थारू भाषा ओ साहित्यके क्षेत्रमे महत्वपूर्ण योगदान डेहुइया स्रष्टाहे सम्मान ओ पुरस्कारके लाग अक्षय कोषके राशी बृद्धि कैटी जैना, थारू भाषा, साहित्य ओ संस्कृतिके संरक्षण तथा प्रवद्र्धनके लाग बजेट विनियोजनके लाग स्थानीय पालिका प्रदेश तथा संघीय सरकारमे पहल कैना तथा दवाव डेना रहल जनैलै ।
ओस्टके १०वा थारू साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलनके स्मारिका प्रकाशन कैना, अइना ११औं थारू साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन चितवन जिल्लामे २०८३ फागुन महिनामे आयोजना कैना लगायत पटेर्वा सुगौली गाउँपालिका–२, बेलवा, पर्सामा सम्पन्न १०औं थारू साहित्य राष्ट्रिय सम्मेलन भव्य, सभ्य एवम् सफलतापूर्वक सम्पन्न करैनामे सहयोग पुगुइया, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान, पटेर्वा सुगौली गाउँपालिका, सखुवा पर्सौनी गाउँपालिका, जेनस इन्टरनेशनल, युनाइटेड पोलिमर, थाकस पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, सञ्चारकर्मी, टमान पेशा व्यवसायी तथा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुपमे सहयोग करुइया एवम् टमान जिल्लासे सहभागी हुइल सक्कु जनहनहे धन्यवाद ज्ञापन करल जनैलै ।


थारु लेखक संघ नेपालके आयोजनामे हुइल सम्मेलनके सहआयोजक थारु अतिथि सेवा सदन समिति रहल रहे । थारु अतिथि सेवा सदन समितिके अध्यक्ष रामचन्द्र दहितके घरगोसियाइमे हुइल उद्घाटन कार्यक्रमके बर्का पहुना नेपाल पज्ञा प्रतिष्ठानके उपकुलपति विमल निभा रहल रहिट । कार्यक्रमकके घरगोसिया दहित थारु लेखक संघ पर्सामे आके देशभरके थारु लेखकके जुटौला कैडेहलमे धन्यवाद व्यक्त करल रहिट ।
कार्यक्रमके उद्देश्यबारे थारु लेखक संघ नेपालके अध्यक्ष डा. सर्वहारी करल रहिट । उहाँ सम्मेलन सुरु करुइया साहित्यकार सुशील चौधरीहे सम्झटी थारु साहित्यहे फरगर बनाइक लग थरुहट क्षेत्रके स्कुलिम थारु भासम् पह्रैना अभियान चलाइ पर्ना अर्जि करल रहिट । ओस्टके पर्सा जिल्लामे अभिनसम थारु भासम् मोहन प्रसाद थारुके किल पोस्टा प्रकाशन हुइलमे इ सम्मेलन ढेर लेखक जन्मैना विस्वास व्यक्त करल रहिट ।
कार्यक्रममे स्वागत मनतब्य सुरेशप्रसाद दास करल रहिट कलेसे पटेर्वा सुगौली पटेर्वा सुगौली गाउँपलिकाके अध्यक्ष दिनेशकुमार चौधरी, बारा, पर्सा, रोतहतके थाकस जिल्ला अध्यक्ष लगायत शुभकामना मनतब्य डेहल रहिट ।


उहे बिच बाराके लेखक हृदयनारायण चौधरीहे थारु साहित्य पुरस्कार नगद रु ६० हजार राशी ओ गायिका समीक्षा चौधरीहे थारु महिला प्रतिभा पुरस्कार, नगद रु ३० हजार सहित पमाणपत्रसे पुरस्कृत करल रहे । पुरस्कार पाइलमे फोहि लागल कहटी गायिका चौधरी गीत कविता फेन सुनाइल रही ।


उहे अवसरमे दिल्ली विश्वविद्यालयसे पिएचडी उपाधि हासिल करल कहटी डा. निरज चौधरीहे सम्मान फेन करल रहे ।

ओस्टके कविता प्रातियोगितामे पहिल हुउइया सत्यनारायण दहित (कैलाली), डुस्रा भिमेश चौधरी (दाङदेउखर) टिस्रा प्रकृति पूजा (कञ्चनपुर)हे पुरस्कार फेन वितरण करल रहे ।


ओस्टके मधुसुदन चौधरी, तितुली, थारु–नेपाली बालकविता संग्रह, चन्द्रमणि महतो, घुघें मामा घुघें थारु बालगीत संग्रह, हृदय नारायण चौधरी, इतिहाँसो मिथेयास भेइसई, मोहन प्रसाद थारु, सिक्छा सतक कविता संग्रह ओ लोर्हल सिरोहल खिस्सा परतोख, रीता चौधरी थारु, मत बैठा चुप कविता संग्रह, मनिस, रोहन, प्रितम चौधरी थारु, तराईमा पाइने १०१ जडिबुटीहरु के पोष्टा विमोचन करल रहे ।


ओस्टके बारा, पर्सा, रौतहटमे थारु भाषा साहित्यके अवस्थामे बक्ता हृदयनारायण चौधरी, मोहनदास थारु, दिनेश चौधरी, भोलाराम चौधरीसे प्यानल छलफलमे सहजकर्ताके रुपमे थारु आयोगके उदयराज भट्टराई रहल रहिट ।
थारु साहित्य ओ पुरस्कारके महत्वके बक्तामे रामसागर चौधरी, शेखर दहित, बुद्धसेन चौधरी, शत्रुघन चौधरी रहल रहिट कलेसे सहजकर्ता भिमेश चौधरी रहल रहिट ।
ओस्टके थारु साहित्यमे बालसाहित्यके अवस्थाके बक्तामे शान्ति चौधरी, सीएम अपिल चितौने, छविलाल कोपिला रहिट कलेसे
सहजकर्तामे डा. कृष्णराज सर्वहारी रहल रहिट ।
शिक्षण पेशा ओ सिर्जनात्मक लेखनके बक्तामे सञ्जय सुमन, अनिलप्रसाद राउत थारु, रीता चौधरी, जित ट्रासन
रहित कलेसे सहजकर्तामे मनोज अज्ञात रहल रहिट ।

जेएनजी पुस्ता ओ थारु समाजके बक्तामे अर्णव चौधरी, भूमिका थारु, सुरेशप्रसाद दास, कविता काव्य रहिट कलेसे सहजकर्तामे कृष्ण समर्पण रहल रहिट ।
ओस्टके थरुहटके बौवा और बहुरिया पोस्टाः थारु ओ भोजपुरी भाषाके अन्तर्यके बक्तामे शान्ति चौधरी, हृदयनारायण चौधरी, मधुसुदन चौधरी रहिट कलेसे सहजकर्तामे राकेश चौधरी रहल रहिट ।