९ जेष्ठ २०८१, बुधबार May 22, 2024

लोकप्रिय मोडेल बन्टी समु चौधरी

१३ आश्विन २०७९, बिहीबार
लोकप्रिय मोडेल बन्टी समु चौधरी

सागर कुस्मी
धनगढी । कलाकार, मोडेल समु चौधरी थारु कला जगतमे लोकप्रिय हुइल बटि । हालसम हुँकार दुई दर्जनसे ढेर म्युजिक भिडियो खेल सेक्ले बटि ।

थारु कलाकार मन्से मजा अभिनय म्युजिक भिडियो खेल्ना कलाकारके रूपमे हुँकार नाउ आघे आइठ । अभिनसम निरन्तर थारु कलाकार एकदम कम बटैं सांगीतिक क्षेत्रमे । समु चौधरी बहुत संघर्ष कैके आइल बटि । हुँकार कला दिनदिने चाक्कर हुइटी गैल बा ।

हुँकार घर कंचनपुरके महेन्द्रनगर राजीपुर गाउँ हुइन । अब्बे घरहि बैठके कला जगतमे संघर्ष कर्टी बटि, अपन फरक पहिचान बनैटी बटि, अपन करियर चम्कैटी बटि । मोफसलमे बैठके चम्के सेक्ना समुके इ बरवार खुबी हुइन ।

ओहकान कला क्षेत्रमे हाँठ डारल भर्खर तीन बरस हुइलिन । तीन बरस पहिले समुहे महेन्द्र थारु, विवस चौधरी ओ अपन गोसिया आशिष चौधरीके साठ सहयोगसे इ क्षेत्रमे आइल उहाँ बटैठी ।

छोटेसे इ क्षेत्रमे लग्ना सपना आझ पूरा हुइल बटिन। इ क्षेत्रमे अपन करियर ओ बनाके स्थापित हुइना लक्ष्य लेके आघे बर्हटी बटि उहाँ । हुँकार रगतमे जो कलाकारिताके नसा छाँगैल बा । उहाँ थारु फिल्म बिरामे फे मुख्य अभिनय निभासेक्ले बटि ।

समु चर्चित हुइनाके कारण हुँकार इमानदारिता ओ कामप्रतिके निरन्तर अठोट ओ लगनशीलता हो । काममे हरदम ध्यान डेना, मेहनत कैना, मोडेलिङप्रति जिम्मेवार हुइना समुके स्वभाव रहल ओरसे निर्देशक ओइनके लजरमे उहाँ परल बटि ।

दर्शक ओइनके मन जिट्ना सफल हुइल बटि । उहाँ कठी, मै दर्शक ओइनके मैयाँसे आझ यहाँ पुगल बटुँ । इहे कलासे आझ उहाँ संसार भरके मनै हुँकार नाचगान हेरे पैले बटैं ।

पहिल गीत करि ना ढोटी डान्ससे लेके, अब्बेसमके जबसे हुइल दिल दिवाना, म्युजिक भिडियोसम आइट घरिम स्तरीय अभिनय समुके पहिचान बन्सेकल बा । थारु समाजमे उहाँहे सक्षम कलाकारके रूपमे चिन्हसेकल बा । हुँकार सांगीतिक यात्रा शिखर चुमसेक्ले बा ।

यहाँसम पुगट्सम समु चौधरी इ क्षेत्रसे भरपुर सन्तुष्ट बटि । उहाँ कठी, दिलसे लग्लेसे इ क्षेत्रसे फेन मजासे व्यवसायिक हुइ सेकजाइठ । अझकल उहाँ अपन जिनगी खुशी बर्हल अनुभुती कर्ठी हरदम ।

उहाँ कठी- `मै भाग्यसे इ क्षेत्रमे आपुग्नु । जा हुइलेसे फेम आब मोर लाग सबथोक कला जो हो । मै एकठो कलाकार मोडेल हुँ । मोर परिचय कलक इहे हो । इ परिचयसे नाम, दाम, सम्मान, इज्जत डेले बा । मै अभिन आकुर आघे जैना चाहठुँ । सबके मन जिट्ना चाहठुँ ।

थारु सांगीतिक क्षेत्रमे किल नाही अइना दिनमे नेपाली सांगीतिक फँटुवामे फेन परगा बर्हैना बिचार बा । । महिन यहाँसम पुगैना ओ कलाकारके रूपमे स्थापित करुइया ओ सहयोग करुइयन सक्क्कुहुन सम्झना चाहठुँ । दर्शक ओइनसे ढेर मैयाँ बा ।´