धनगढी, २७ असार । थारु समुदायमे आजकाल्ह हर्डहुवाके रौनक छाइल बा । खेतीपाती सेकलपाछे हरेक गाउँमे हर्डहुवा मनैना सुरु कैगिल हो ।
थारू सामुदायके पुर्खेउली पराम्परा अनुसार बर्खा सिजनमे जोत्नी खोड्नी ओ धान लगैनाके सक्कु काम सेकलपाछे हर्डहुवा खैना चलन रहल बा । हर्डहुवामे थारु परिकार फुलौरी, खरिया, बरिया, सुरीक शिकार, जारके झोल, महुवाके दारू इ परिकार हर्डहुवाके रोज सक्कु घर बनल रहठ् । उल्लासपूर्वक मनैना यी पर्वमे गाउँलेहुक्रे सुरा मारके आपन इष्टमित्रहे फेन खानपिनके लाग बलैले रहठै ।
हर्डहुवामे आपनआपन संघरिया, चेलिबेटीनहे बोलैना खैना ओ सजना गीत गैना, पुरान कथा, बत्कोही चुट्किला सुन्ना ओ सुनैटी रमैना करल गौरीगंगा नगरपालिका वडा नम्बर १० नुक्लीपुरके दिनेश दहित बटैलै ।
पुरान किवदन्ती अनुसार हर्डहवाहे थारु समुदायके अगुवाहुक्रे असिक लेहल बटै । बर्खाह खेतीपाती जोखिमपूर्ण रहठ् । हिलाकिचामे बैठौनी सुरु हुइठ् । इ समयमे किराकाँटी बाहेर निकरल रहठै । सालभर आपन डोन्दरमे रना साप बयाल पिए बाहेर निकरल रहठै । मच्छरनके बिगबिगी रहठ् । मने किसान आपन खेतीपाती सेककमारे केक्रो परवाहा नैकरके रातबिरात खेतुवामे पानी डर्ना, जोट्ना, बियार लगैना करठै । हिलाकिँचासे मनैन्के शरिर कम्जोर हुइल रहठ् ।
हातगोर सरल रहठ् । पहिले पहिले मोबाइलके जमाना नैरहे । खेतीपातीपाछे चेलिबेटिनके हालखबर लेनडेन कैना हर्डहुवा एकठो माध्यम बनल रहे । खासमे हर्दहुवा(हरढोवा)के अर्थ खेतीपातीमे प्रयोग हुइना हरजुवा, औजारहे ढोइना हो ।
मने बर्खामे जटरा दुःख कष्ट आइल रहठ् उहे दुःख कष्टहे भुलाइक लाग आपन नाटपाटनहे बोलाके मिठ् मिठ् परिकार पकाके राहरंगी कैटी हर्डहुवाहे फेन छोटमोट टिहुवारके रुपमे मनैना करल बा ।
इहे बिच असार २३ गते गौरीगंगा नगरपालिका–११ नुक्लीपुर गाउँमे सामुहिक रुपमे हर्डहुवा मनागिल बा । ओस्टेक थारु समुदायके बसोबास रहल धनगढी उपहानगरपालिका–१६ भादा, कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ५ जवदहुवा, छुट्की पलिया, बर्का पलियामे फेन हर्डहुवाँ मनागिल बा ।
ओस्टके आज असार २६ गते शुकके रोज कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ३ बर्का मुडा, खोनपुर ओ वडा नम्बर ५ के पवेरा गाउँमे फेन हर्डहुवा रहल बा कलेसे वडा नम्बर ७ अन्र्तगतके छटकपुर बसन्ताके असार २७ गते शनिच्चरके ओ भुँइयाफाँटा गाउँके असार ३२ गते हर्डहुवा मनैना रहल बा ।