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घरबारविहीन विपतपुर बासीनके खुल्ला आकाश टरे बास

२४ जेष्ठ २०७९, मंगलवार
घरबारविहीन विपतपुर बासीनके खुल्ला आकाश टरे बास

धनगढी । आगलागीसे घरबारविहीन बलन कैलालीके कैलारी गाउँपालिका–७ विपतपुर मुक्तकमैया शिविरके स्थानीयहुक्रे डेढ महिना यहोर खुल्ला आकाश टरे बैठ्ना बाध्य रहल बाटै ।
गैल बैशाख ११ गते भिषण आगलागीसे बस्ती नै जरके भुवा बनलपाछे उहाँहुक्रे घामपानी सहटी खुल्ला आकाश टरे बैठ्ना बाध्य हुइल हुइट । बर्खा लच्क्यइटी रहल ओरसे बस्तीके पीडित स्थानीयहुक्रे आउर बिचल्ली हुइना कहटी चिन्ता व्यक्त करे लागल बाटै ।
बस्तीके राजकुमार चौधरी आगलागीसे घरघारी जरलपाछे घामपानीके समस्या झेल्टी आइल बटैलै । बैठक लाग घर नैरहिके उहाँ दिनके घाम ओ रातके किराकाटीनसे डरैटी रात बिटैना बाध्यता रहल सुनैलै ।
‘आगलागीसे घरघारी सक्कु जरके भुवा बनगैल’, राजकुमार कहलै–‘बैठक लाग घरकुरिया नै रहिके दिनके चर्को घाम सहे पर्नाके साथे रात बिरात बस्तीमे निकरना सापगोजरसे डरैटी खुल्ला आकास टरे सुत्ना बाध्य बाटी ।’


बस्तीके घरकुरिया जरल परवारहे रेडक्रससे ७५ ठो टेन्ट उपलब्ध करैले बा । मने घरमे ६ जनहनके परिवार रहल राजकुमारके टेन्टमे नै अँटाके बाहर सुटे पर्ना अवस्था रहल बा । ओस्टके आँधीपानी आइल बेला अन्य परिवारके फेन सुत्ना बैठ्ना समस्या रहल बा ।
‘सामान्य मौसम रहठ्टे कोइ घामक डरे रुख्वा टरे बैठल रठी टे कोइ टेन्ट टरे’, राजकुमार कहलै–‘मने जौन दिन खराब मौसम होके आँधी पानी आइठ् उ दिन बुहट समस्या परठ् । एकटे आँधी पानीसे टेन्ट उरैना डर रहठ् कलेसे औरेओर सुत्ना बैठ्ना समस्या रहठ् ।’


राजकुमारके जस्टे बस्तीके लहानी देवी चौधरीके फेन ओस्टहे समस्या रहल बा । लहानीके फेन ६ जाने रहल परिवारमे सुत्ना बैठ्ना समस्या रहल बा । सामान्य मौसममे जैसिक टैसिक सुत्ना बैठ्ना बाध्य झेल्टी रहल लहानी फेन आँधी पानी आइल बेला ढिउर समस्या हुइना बटैली ।
‘बस्तीमे आजकल साँपगोजर फेन निक्रे लागल बाटै, रातबिरातके किराकाटीनसे कट्वा पैना ओट्नही डर बा’, लहानी कहली–‘आँधी पानी आइल बेला टेन्ट उरैना डर रहठ् कलेसे डोसर ओर अनाज बचैना कर्रा रहठ् ।’
पीडित परिवारके घर बनाइक लाग टमान ठाउँसे सहयोग कैना जनाइल बा । घरके लाग गाउँपालिका अन्र्तगतके सामुदायिक बन्वासे काठखुँटा निःशुल्क सहयोग कैना फेन कहल बा । मने कहोरोसे आभिन सहयोग नैहुइल गाउँक भलमन्सा हिँगुराम चौधरी गुनासो करलै । खेट्वामे पेल्ना आब एक डेढ अँठ्वार किल रहिगैल बा । समयमे काठखुँटा नैमिल्लेसे खेती लगैना हो कि घर बनैना कहिके उहाँ चिन्ता व्यक्त करलै ।
‘सामुदायिक वन्वासे घर बनाइक लाग काठखुँटा उपलब्ध कैना कहले बाटै, मने उ काठखुँटा कब उपलब्ध हुइठ् । बर्खा फेन लच्क्यागैल बा । खेट्वामे पेलल् बेला काठखुँटा डिही कलेसे हम्रे घर बनाब कि धान लागाब ?’, भलमन्सा प्रश्न करलै ।
यहोर कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ७ के वडा अध्यक्ष तथा प्रवक्ता दिपेन्द्र बम वडा नम्बर ७ अन्र्तगतके एकडुई सामुदायिक बन्वासे काठखुँटाके लाग सहयोग करल जानकारी डेलै । उहाँ क्रिशक्ति सामुदायिक वन उपभोक्ता समिति ओ लक्मी ताल सामुदायिक वन उपभोक्ता समितिसे फेन काठखुँटा सहयोग करल जानकारी डेलै । ओस्टके वडा नम्बर १, ५ अन्र्तगतके सामुदायिक वन उपभोक्ता समितिसे फेन काठखुँटाके लाग सहयोग कैना जनाइल बा ।
‘तत्कालके लाग काठखुँटा सहयो कैके कच्ची घर बनैना सहयोग करटी’, अध्यक्ष बम कहलै–‘बर्सात पाछे सक्कु परिवारके लाग दुई कोठे पक्की घर फेन बनैना सहयोग करब ।’
गाउँपालिका अध्यक्ष राजसमझ चौधरी इहीसे आघे बस्तीमे विद्युतीकरणके लाग निःशुल्क विद्युत मिटर फेन उपलब्ध कैना घोषणा करसेकल बाटै ।
खेट्वामे गोहुक लर्वा जराइक लाग लगाइल आगी बैशाख ११ गते बस्तीमे लागल रहे । ७१ घरधुरी रहल बस्तीमे ३४ घर पूर्ण रुपमे जरके राख बनल रहे कलेसे २७ घरमे आङ्शिक क्षति हुइल बा । ओस्टके, दुईठो पावर टिलर, आठठो डल्लप, १३ ठो डिजल इञ्जिन, ४५ ठो सोलार, एकठो मोटर पम्प, टमान घरमे ढारल नगद १२ लाख रुपियाँ जरके नष्ट हुइल बा । ओस्टके, थारु समुदायके महिलाहुक्रे लगैना पुर्खौली गहना जरके नष्ट होके सुन १२ तोला ओ अत्यधिक चाँदी जरल जनाइल बा । आगलागीसे १२ ठो बरवार सुवर ओ २५ ठो घेँटरु, दुईठो गोरु मरल जनाइल बा ।