धनगढी, २९ फागुन । सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके मुख्यमन्त्री कमलबहादुर शाह उपर घुस मागल आरोप लागल बा । वरिष्ठ डिभिजनल वन अधिकृत कृष्णदत्त भट्ट मुख्यमन्त्री शाहउपर घुस मागल गम्भीर आरोप लगाइल हुइट ।
बिफेक रोज प्रदेशसभाके प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेकपासे उक्त घटनाके छानबिन कैना माग करले बा । संसदीय दलके कार्यालयमे पत्रकार सम्मेलन कैटी नेकपा संसदीय दलके नेता खगराज भट्ट कर्मचारीसे लगाइल आरोपबारे न्यायिक निकायसे गम्भीरतापूर्वक लेके छानबिन करे पर्ना बटैलै ।
‘एक जाने कर्मचारी बोलल् विषयमे सञ्चार माध्यममे स्पष्टीकरण डेना बात नैहो । संसद्के सार्वजनिक लेखा समिति बा, अख्तियार बा । अन्य ढेर छानबिन कैना निकाय बावै,’ भट्ट कहलै, ‘इ विषयमे प्रतिपक्षी मुद्दा उठैना ओ संवाद करे चाहठ् मने उहाँ काहे जवाफ डेना तयार नैहुइट ?’
मुख्यमन्त्री घुस लेहल नेकपाके आरोप नैरलेसे फेन भ्रष्टाचारप्रतिके शून्य सहनशीलता कना मुख्यमन्त्री स्वयंमसे कौनो कदम चल्ना तयार नैरहल भट्टके आरोप रहल बा ।
‘गम्भीर आरोप लागलपाछे किनारा लगैना जौन गम्भीर्यता हुइ पर्ना रहे मने उ काहे नैहुइल ? उहाँ पाँच लाख घुस लेलै कना हमार बात नैहो,’ उहाँ क्हलै । वरिष्ठ डिजिनल वन अधिकृत भट्ट कुछ दिन आघे एक अन्तरवार्तामे मुख्यमन्त्री शाह आपनसे पाँच लाख घुस मागल मने डेहे नैसेकल कारण डिभिजन वन कार्यालय धनगढीके प्रमुखसे हटाइल दाबी करले बटै ।
भट्टहे ३० सावनमे मुख्यमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालयके प्रमुख सचिवस्तरीय निर्णयसे धनगढीसे डिभिजन वन कार्यालय पहलमानपुर सरुवा करल रहे । ऐनविपरीत सरुवा करल कहटी भट्ट उच्च अदालत दीपायलमे रिट दायर करल रहिट । अदालतसे सरुवाके निर्णय कार्यान्वयन नैकैना अन्तरिम आदेश डेहल रहे । मने भट्टहे सरकारसे प्रदेश वन निर्देशनालय तानके कामकाजमे खटाइल रहे ।
मने, मुख्यमन्त्री शाह भर अपने घुस नैमागल बटैटी आइल बटै । मंगरके रोज धनगढीस्थित सरकारी निवासमे सञ्चारकर्मीसँग बातचित कैटी शाह उक्त आरोपबारे छानबिन कैना सम्बद्ध निकायहे आग्रह करल रहिट ।
‘छानवीन कैना ढेर निकाय बावै । तत्काल छानबिन करे परल । मै दोषी डेखम कलेसे कारबाही भोग्न तयार बटुँ,’ उहाँ कहलै, ‘नैहो कलेसे जथाभावी आरोप लगुइया कर्मचारीउपर कारवाही हुइ परल ।’
आर्थिक विवादमे फसलपाछे तत्कालीन उद्योग पर्यटन वन तथा वातावरणमन्त्री रामेश्वर चौधरीहे गत असारमे मुख्यमन्त्री शाह बर्खास्त करल रहिट । असारसे उक्त मन्त्रालयके जिम्मेवारी स्वयंम शाह लेले बटै ।