३२ असार २०८१, सोमबार July 15, 2024

माघी होमस्टेमे उल्लु उत्सव, संरक्षणसंगे पर्यटनहे टेवा

२१ माघ २०७९, शनिबार
माघी होमस्टेमे उल्लु उत्सव, संरक्षणसंगे पर्यटनहे टेवा

सुखड। मुलुकमे लोप हुइटी रहल उल्लु तथा गुजरीया संरक्षणके निम्ति कैलालीके घोडाघोडी नगरपालिका– ४ घोडाघोडी वर्ड सेन्चुरी क्षेत्र रहल माघी होमस्टे गाउँमे ‘नेपाल लाटोकोसेरो तथा हुचिल महोत्सव २०७९’ हुइल बा ।

चरा संरक्षण नेटवर्क, कैलाली ओ प्रकृतिका साथीहरू संस्थाके आयोजनामे १० औँ संस्करणके रूपमे घोडाघोडीमे महोत्सव आयोजना हुइल हो । एक कार्यक्रमके बिच कैलाली क्षेत्र नम्बर ३ के सांसद गंगाराम चौधरी महोत्सवके उदघाटन करल रहिट ।

महोत्सवके उदघाटन करटी प्रतिनिधिसभा सदस्य गंगाराम चौधरी यकर संरक्षणके लाग करल महोत्सवसे उल्लुके संरक्षणसंगे पर्यटनहे समेत टेवा पुग्न उहाँ बटैलै । पछिल्का समय नेपालसे टमान प्रजातिके जनावर तथा पंक्षी लोप हुइना क्रम ढेर रहल ओरसे यिहीहे रोक्न सक्कुु जाने लागे पर्ना उहाँ बटैलै । महोत्सव अवलोकनके लाग टमान ठाउँसे दर्शक माघी गाउँमे आइल बटै । महोत्सव स्थलमे उल्लु तथा गुजरीके टमान प्रदर्शनी सामाग्री अवलोकन, स्थानीय परिकार ओ स्थानीय सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन कैजैटी बा ।

यकर संरक्षण करे सेक्लेसे यी ओ अस्टे पन्छीसंग रमैना बाह्य पर्यटक नेपाल भित्रयाई सेक्ना कहटी सम्बन्धित निकायके ध्यान यहोरओर जैना जरुरी रहल चरा संरक्षण नेटवर्क, कैलालीके अध्यक्ष डिआर चौधरी जानकारी डेलै । उल्लु ओ गुजरीया जातके पक्षी चोरी सिकार बह्रलपाछे संरक्षणके अभावमे लोप हुइटी गैल बा ।

नेपालमे २३ प्रजातिके उल्लु पाजाइठ पछिल्का समय अवैध चोरी सिकारी, बन जंगलमे हुइना लुकरी ओ विषादीके अत्यधिक प्रयोगसे उल्लु लोप हुइटँी गैल बटै ।

घोडाघोडीमे लग्ना २ दिने महोत्सवसे यकर संरक्षणमे टेवा पुग्न विश्वास करल बा । उल्लुहे किसानके संघरियाफे कहिजाइठ । कृषकसे मेहनत करके उब्जाइल अन्नबाली खाके दुख डेना मुसहे उल्लुके मुख्य खाना हो । जिहीसे राती केल आँखी डेख्ठै ओ रातके केल यी मुसाके सिकार कैना ओरसे यिहीसे मुसासे किसानहे छुटकारा डेना बटजाइठ ।

यी पक्षी झट्ट हेरेबेर मुरी बिरारिया जैसिन डेखलेसेफे यकर शरीर पक्षीके रहठ । मने यकर सख््या बर्सेनि घट्न क्रममे बा ।

पहुरा दैनिकसे