धनगढी उपमहागरपालिकासे बस्तीमे पुगके योजनाके सम्झौता

-कैलारी अनलाइन

बिहिवार, ११ मंसिर 12:14 PM

धनगढी,११ अगहन । धनगढी उपमहानगरपालिकासे बुधसे बस्तीमे पुगके योजनाके सम्झौता कैना सुरु करले बा ।
कोरोना भाइरसके माहामारीके कारण सर्वसाधारणहे उप–महानगरपालिकामे पुगके योजनाके सम्झौता कैना समस्या हुइल रहे । उप–महानगरपालिकाके प्रमुख प्रशासकिय अधिकृत ओ प्राविधिक टोली सम्वन्धित वडाके टोलबस्तीमे पुगके उपभोक्ता समितिसे सम्झौता करेबर कोरोनाके जोखिम घटाइ सेकजैना अपेक्षा राखल धनगढी उप–महानगरपालिकाके प्रमुख नृपबहादुर वड बटैलै ।
उप–महानगरपालिकामे आइबर जाइबर झन्झटीलो ओ खर्चिलो समेत रहठ् नगरप्रमुख वड कहलै, ‘ १९ वडासे अउइया उपभोक्ता समितिके व्यक्ति उप–महानगरपालिकामे समेत भिडभाड हुइना हुइलपाछे गाउँमे पुगके योजनाके सम्झौता करे लागल हुइटी ।
अइसीक बस्तीमे पुगके योजनाके सम्झौता करेबर उपभोक्ता समितिके पदाधिकारी ओ स्थानीयहे संगे राखके योजनाके बिषयमे छलफल हुइना करल नगरप्रमुख व बटैलै । उहाँ कहलै, सक्कु वडाके बस्ती तथा पायक पर्ना ठाउँमे पुगके योजनाके सम्झौता करजैना बा ।
बुधके प्रमुख प्रशासकिय अधिकृत जगन्नाथ पन्त, डिभिजनल ईन्जिीनियर डिजराज भट्ट ओ योजना तथा लेखा शाखाके प्रतिनीधी पुगके उप–महानगरपालिकाके वडा नं १५ के १३ ठो योजनाके सम्झौता करल बटैलै । उहाँ कहलै, ‘सम्झौता करेबर फेन स्वास्थ्य सुरक्षाके मापदण्ड अनिवार्य अपनाइ कले बाटी ।’ यी अभियानसे उपभोक्ताहे ढिउर राहत मिल्ना बा, प्रमुख प्रशासकिय अधिकृत पन्त कहलै,‘यिहीसे सुशासनहे समेत सहयोग पुग्ना बा । वस्ती पुगेबर उपभोक्ता समितिके व्यवस्थापन, काम कर्तब्यके बारेम अभिमूखीकरण कैना करल धनगढी उप–महानगरपालिकाके डिभिजनल ईन्जीनियर डिजराज भट्ट बटैलै ।
धनगढी उप–महानगरपालिका वडा नं १५ के सुखदेव राना गाउँमे पुगके योजनाके सम्झौता करे पाके राहत महसुस करल बटैलै । उहाँ कहलै, ‘उपभोक्ता समितिके लाग यिहीसे सजिल कुछ नाइहो ।’
योजनाके इस्टीमेट फेन नेपाली भाषामे
धनगढी उप–महानगरसे अंग्रेजी भाषामे बनाईल योजनाके लागत इस्टीमेट सक्कु उपभोक्ता नाइ बुझ्ना हुइल ओरसे नेपालीमे बनाके कार्यान्वयनमे लन्ले बा ।
उप–महानगरपालिकाके ओभरसियर निर्मल देउवा नेपाली भाषामे बनाइल ईस्टीमेट सामान्य लेखपढ करुइया उपभोक्तासे बुझ्ना हुइल ओरसे नेपाली पद्धतीके विकास करल बटैलै । उहाँ कहलै, ‘प्राविधीक सब्द उ फेन अंग्रेजीमे होके उपभोक्ताहे बुझ्न समस्या रहे ।’ उहाँ कहलै, ‘नेपालीमे लागत ईस्टीमेट बनाइबर सक्कु जनहनहे सजिल हुइल बा ।’

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